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वासुकीमुखी नागिनी मंत्र : नागिनी को सिद्ध करने की और प्रसन्न...

जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है.

साधना के दौरान सभी तांत्रिक विधियों का पालन करें।

भैरव की अघोर शक्ति से और सिद्ध मंत्र से किया गया अभिमंत्रित कड़ा यानि कि भैरव कड़ा जो हर तरह की बीमारियों के सामने रक्षण देता हे मसान की खतरनाक शक्तियों के सामने और बुरी आत्मा के सामने रक्षण करता हे जिसको चाहिए वो हमारा कॉन्टैक्ट करके मंगवा सकता हे

कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !

आध्यात्मिक उन्नति: हनुमान जी के शाबर मंत्रों के माध्यम से साधक ज्ञान, मोक्ष, और आत्मिक संतुष्टि प्राप्त कर सकता है।

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मंत्र सिद्ध होने पर क्या होता है : मं‍त्र से किसी देवी या देवता को साधा जाता है, मंत्र से किसी भूत या पिशाच को भी साधा जाता है और मं‍त्र से किसी यक्षिणी और यक्ष को भी साधा जाता है। मंत्र जब सिद्ध हो जाता है तो उक्त मंत्र को मात्र तीन बार पढ़ने पर संबंधित मंत्र से जुड़े देवी, देवता या अन्य कोई आपकी मदद के लिए उपस्थित हो जाते हैं। 

ऐसे भी कई मंत्र होते हैं जिनमें किसी बाधा को दूर करने की क्षमता होता है तो उन्हें जपने से वे बाधाएं दूर हो जाती है। 'मंत्र साधना' भौतिक बाधाओं का आध्यात्मिक उपचार है। यदि आपके जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या या बाधा है तो उस समस्या को मंत्र जप के माध्यम से हल कर सकते हैं।

गुरु के सिवा किसी भी अन्य व्यक्ति से साधना सम्बन्धी कोई बात न करें। 

नियमित और दृढ़ता:- मंत्र की सिद्धि के लिए नियमित और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। प्रत्येक दिन निर्धारित संख्या में मंत्र का जप करें।

शुद्धता और स्वच्छता का पालन:- मंत्र जाप से पहले स्नान here करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। जाप के समय शारीरिक और मानसिक शुद्धता अनिवार्य है।

साधना शान्त, नियत स्थान पर एकांत में ही करें। 

काली काली शामनते। ब्रह्मा की धीशु शाशु।

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